Jai Prakash Evening Inter Collage Hajipur, Inter College, Maulana Mazharul Haque university

छात्रों के लिये आवश्यक निर्देश

इन्टर कला एवं विज्ञान में नामांकन हेतु नामाकंन के समय दिये जाने वाले शुल्क निर्धारित हैं, इसकी जानकारी कार्यालय के सूचना-पत्र, परिचय-पत्र, परिचय-पत्र, पुस्तकालय कार्ड इत्यादि के लिये अलग से शुल्क निर्धारित है।

2. कॉलेज परित्याग प्रमाण-पत्र, परिचय-पत्र, पुस्तकालय कार्ड इत्यादि के लिए अलग से शुल्क निर्धारित है।

3. निर्धन तथा मेधावी छात्रों के लिए शिक्षण शुल्क की निःशुल्कता एवं पुस्तकालय से पुस्तकों की सहायता प्राप्त की जा सकती है।

4. छात्र-छात्राओं से नामांकन के समय लिया गया विद्यालय/महाविद्यालय परित्याग-पत्र की मूल पंति किसी भी हालत में वापस नही की जायेगी।

5. कॉलेज की सम्पत्ति को क्षति पहुँचाना दण्डनीय है, फूल तोड़ना, दीवार पर लिखकर खराब करना, यत्र-तत्र थूकना, पंखा-बिजली के तारों को तोड़ना तथा धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है।

6. प्राध्यापिका के वर्ग में आ जाने पर बगैर अनुमति लिये वर्ग में प्रवेश एवं वर्ग से जाना वर्जित है।

7. छात्रा के प्रति सम्मानजनक एवं शिष्टापूर्वक व्यवहार अपेक्षित है।

8. हर छात्र-छात्राओं को अपने परिचय-पत्र के साथ‘‘निर्धारित काॅलेज ड्रेस’’ में कॉलेज आना अनिवार्य है। छात्र-काला पैंट, सफेद शट, काला मोजा, काला जूता। छात्रा काला सलवार सफेद समीज, काला मोजा ,काला जुता। जाड़े में काला कोट/काडीगण, सफेद डुप्पटा।

9. वर्ग में 80 प्रतिशत उपस्थिती एवं जाँच परीक्षा में उतीर्ण होने पर ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिती (उच्चतर माध्यमिक) पटना की परीक्षा के लिए उत्प्रोशित किया जाएगा।

10. छात्र-छात्राऐं अपना साइकिल एवं अपना मोटरसाईकिल निर्धारित साईकिल स्टेण्ड में हि रखेगें अन्यत रखने दन्ड के भागी होगे।

11. परीक्षा भवन में कदाचारपुर्ण आचरण निसीध है।

12. महाविद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र सभी प्रक्रिया पुरी करने पर दूसरे ही दिन प्राप्त हो सकेगा।

13. छात्र अपने हित के लिए विवरण पुस्तिका को ध्यान पुर्वक पढ़ले तथा उसके अनुसार दिये गए निर्देशो का पालन करें। अपेक्षित सुचना तथा निर्धारित आवशयक के आभाव में अपूर्ण आवेदन अस्विकृत कर दिये जाएगें।

अति आवश्यक सुचना

छात्र-छात्राओं अभिभावक शिक्षक एवं शिक्षेतर कर्मचारी किसी भी सुझाव एवं शिकायत के लिए प्राचार्या महोदया अथवा प्रभारी प्राध्यापिका महोदया से कार्यालय अवधि में मिलकर उन्हें अवगत करा सकतें हैं। तथा आवश्यकता पड़ने पर लिखित रूप से सुझाव एवं शिकायत दर्ज करा सकते है।